महापुरुषों का जीवन रेत पर बने हुए पद चिन्हों के समान होता है, जिनका अनुसरण करके भी कोई भी सामान्य मनुष्य अपने जीवन को श्रेष्ठ और आदर्श बना सकता है। परम पूजनीय गुरुजी के जीवन में घटे हुए समस्त घटनाक्रम हमें प्रेरणा देते हैं कि एक राष्ट्रभक्त नागरिक कैसे अपनी निजी और पारिवारिक अपेक्षाओं से ऊपर उठकर जीवन यापन कर सकता है। इस दीर्घ नाटक की सहज रूप से रचना कर विद्यालयों के वार्षिक उत्सव अथवा अन्य रंगमंच की रुचि वाले बंधु/भगिनी मंचित कर समाज को प्रेरणा प्रदान कर सकेंगे।
Desh Ke Liye Jeena Seekhe- देश के लिए जीना सीखें
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जीवन में सब सुख की ही कमाना करते हैं, दुःख आने पर सब विचलित हो जाते है किंतु दुःख के मूल कारण को जान समझ कर उससे बचने का और स्थायी सुख का मार्ग खोजने का प्राय: कोई प्रयास नही करना चाहता। अध्यात्म के मार्ग को दुष्कर और सामान्य, संसारीजनों के लिए दुष्प्राप्य मान लिया जाता है। ऐसे में, संसार में रहते हुए सर्वसाधारण जीवनचर्या का निर्वाह करते हुए भी कैसे अध्यात्म के परम तत्व को अनुभव किया जा सकता है, इस प्रकार की जीवन दृष्टि की सप्ष्ट झलक मिलती है भगवान महावीर के जीवन चरित्र और उनके द्वारा दिए गए उपदेशों से। भगवान महावीर की 2550 वीं जन्म जयंती के अवसर पर उनकी शिक्षाएं इस देश की अगली पीढ़ी तक पहुंचे, इस दृष्टि से उनके जीवन चरित्र तथा शिक्षाओं को सरल -सुबोध भाषा में प्रस्तुत किया गया है।
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Dimensions | 21.6 × .5 × 13.97 cm |
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